Wednesday, February 23, 2011

'मैं मांसाहारी एक्टर हूं, मुझे मीटी रोल चाहिए'

मिलिए 'तनु वेड्स मनु' फिल्म के लीड एक्टर्स में से एक स्वरा भास्कर से। पायल का कैरेक्टर प्ले कर रही स्वरा इसमें तनु (कंगना रानाउत) की दोस्त बनी हैं...

'माधोलाल कीप वॉकिंग' जैसी छोटी मगर सराही गई फिल्म से पहली बार परदे पर दिखने वाली स्वरा भास्कर को अब भी अपनी पहली फिल्म 'नियति' की रिलीज का इंतजार है। ये बिहार में लड़कों के अपहरण और जबरन विवाह जैसे सोशल इश्यू पर बनी थी। इन दो गैर-कमर्शियल फिल्मों के बीच स्वरा की पहली कमर्शियल बॉलीवुड फिल्म 'तनु वेड्स मनु' इस शुक्रवार 25फरवरी को थियेटरों में आ रही है। फिल्म में उनका रोल बिहार से ताल्लुक रखने वाली एक एनर्जेटिक लड़की पायल का है जो इंटरकास्ट मैरिज कर रही है। चूंकि फैमिली की कद्र समझती है इसलिए इस शादी के लिए उन्हें भी राजी कर लिया है। फिल्म के पहले हाफ में पायल की शादी के संदर्भ में ही तनु (कंगना) और मनु (आर. माधवन) की मुलाकात होती है। दिल्ली में पली-बढ़ी स्वरा के पिता रक्षा विशेषज्ञ सी. उदय भास्कर हैं तो मां इरा भास्कर जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय में सिनेमा की प्रफेसर।

फिल्म में अपने कैरेक्टर का एक्सेंट कैसे पकड़ा? इसके जवाब में स्वरा कहती हैं, 'मेरी मां बिहार से हैं और बाकी काफी परिवार अब भी बिहार में रहता है। ऐसे में मेरे रोल में उस इलाके के जिस साउंड की जरूरत थी उससे मैं वाकिफ थी। इसके साथ ही फिल्म के राइटर भी यूपी से हैं तो उस इलाके का ट्वेंग उनके पास था। म्यूजिक डायरेक्टर मधेपुरा बिहार से थे।' फिल्म में स्वरा के साथ जोड़ी है टीवी एक्टर एजाज खान की। उनके सरदारों वाले लुक और पंजाब में शूटिंग के अनुभव के सवाल पर स्वरा की आवाज में उत्साह झलकने लगता है। वह बताती हैं, 'एजाज तो इतना असली सरदार लग रहा था कि लोग आ आ कर उससे पंजाबी में बात कर रहे थे। मीका भी आकर पंजाबी बोलने लगे, तो उसने कहा कि सर मैं एजाज हूं मुंबई से। हमने पंजाब में डेढ़ महीने की शूटिंग में इतने मजे किए कि बता नहीं सकती। जालंधर, अमृतसर और बाकी इलाकों से आए आर्टिस्ट इतनी बढ़िया एक्टिंग कर रहे थे कि आपको ये सब स्क्रीन पर दिखेगा।' इसके साथ वह ये भी कहती हैं, 'वो जूनियर आर्टिस्ट बच्चियां मेरी मेंहदी और दुल्हन वाले सीन में इतने देसी तरीके से प्रैंक कर रही थीं कि मैं तो दंग रह गई। जब हम गुरुद्वारे में शादी का सीन शूट कर रहे थे तो वहां बैठे लोग पिन पॉइंट कर रहे थे। कहने लगे कि इतनी बार फेरे ले लोगे तो सच्ची में शादी हो जाएगी ध्यान रखना। जिस घर में शूट कर रहे थे उन्होंने भी असली प्रोसेस बताया। मैंने पहले सिर्फ सुना ही था कि पंजाब के लोग जिंदादिल होते हैं, पर वो सच में जिंदादिल निकले।'

फिल्म की शूटिंग जालंधर, पंजाब, कपूरथला और लखनऊ में हुई है। स्वरा के मुताबिक 'तनु वेड्स मनु' का सेलिंग पॉइंट इसकी कमाल की स्क्रिप्ट है। परफॉर्मेंस में माधवन, दीपक डोबरियाल, एजाज और कंगना सबका काम अच्छा है। दीपक तो दिल्ली में मेरे थियेटर ग्रुप में सीनियर रह चुके हैं। उनका काम भी अमेजिंग है। पर स्क्रिप्ट ऐसी है कि हर दस मिनट में उम्मीद के उलट चीजें मिलेंगी। जो लव स्टोरी इसमें है वो बाकी बॉलीवुड लव स्टोरी जैसी नहीं है। इसमें आपको कोई पुराना क्लीशे नहीं मिलेगा। फिल्म बनने के दौरान के दिलचस्प किस्से बताते हुए वह कहती हैं, 'मैं दो वाकये बताती हूं। एक बार डांस डायरेक्टर सरोज जी का इंतजार कर रही थी। कुछ दूर एक मोटी-छोटी औरत भी खड़ी थी। मैंने किसी टेक्नीशियन से पूछा कि अब तक सरोज जी नहीं आई तो उसने कहा कि तुमने पहचाना नहीं ये ही सरोज जी हैं.. तुमने नमस्ते भी नहीं किया। पहले मैं नहीं मानी पर बाद मैं गई और जैसे ही उनको नमस्ते किया तो वो भी झेंप गईं और सब जोर-जोर से हंसने लगे। मैं पानी-पानी हो गई। बाद में सरोज जी आईं तो मैंने दूर से ही उन्हें नमस्ते किया। तो ऐसी ही हंसी मजाक खूब हुई। हम जालंधर के आसपास जब शूटिंग कर रहे थे तो जालंधर-चंडीगढ़ हाइवे पर एक खाने की जगह थी, जहां मैं और एजाज अकसर जाते थे। वहां एजाज की बहुत सी फैन लड़कियां भी आ जाती थीं और मुझसे पूछती कि क्या आप एजाज के साथ हैं। तो इस तरह मैंने उस दौरान उनके बीच चिट पास करने का काम किया।'

फिल्म के डायरेक्टर आनंद राय इससे पहले फिल्म 'स्ट्रैंजर्स' और 'थोड़ी लाइफ थोड़ा मैजिक' को डायरेक्ट कर चुके हैं। उनके साथ काम करने के अनुभव पर स्वरा कहने लगती हैं, 'वह जाने माने डायरेक्टर रह चुके हैं। उनकी खासियत ये है कि सबसे प्यार से बात करते हैं और हर अदाकार से काम भी प्यार से ही निकलवा लेते हैं।' पंजाबी तासीर वाली 'तनु वेड्स मनु' के दोनों गाने साड्डी गली भुल्ल के वी आया करो...और जुगनी... शीर्ष पर चल रहे हैं, तो इसमें डांस भी बड़ा करना पड़ा होगा? इस पर वह कहती हैं, 'मेरी फॉर्मल ट्रेनिंग डांस में ही है। मैंने भरतनाट्यम सीखा है लीला सेमसन से। इस मूवी में तो बिंदास टाइप डांस है। हम सब ऐसे ही नाचे भी।'

आर्ट और कमर्शियल दोनों ही फिल्मों का अनुभव स्वरा को हो चुका है। ये पूछने पर कि दोनों में कौनसा प्रेफर करती हैं, वह कहती हैं, 'ऑफबीट और आर्ट सिनेमा के साथ समस्या ये होती है कि उसकी पहुंच नहीं होती, कमर्शियल फिल्मों की पहुंच दूर तक होती है। पर एक एक्टर का काम होता है कि वो दोनों ही करे। अगर उसे लंबा करियर देखना है तो कमर्शियल ज्यादा जरूरी है।' अब बॉलीवुड को कैसे लेना है? इसके जवाब में स्वरा कहती हैं, 'मैं बेसीकली अब लीड रोल करना चाहती हूं। ऐसी मूवीज जो लोगों तक पहुंचे, ऐसा नहीं कि एक्ट्रेस है तो बस पेड़ पकड़े नाचते रहो। मैं मांसाहारी एक्टर हूं तो मुझे मीट चाहिए, मीटी रोल चाहिए। ऐसा रोल जिसमें कुछ करने को हो।'(प्रकाशित)
गजेंद्र सिंह भाटी